

भारी अव्यवस्थाओं क़े बीच भक्तों की भीड
कामवन विराजित मुख्य मन्दिर विमल बिहारी दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649
कामां- कामवन विराजित श्रीकृष्ण की लीलास्थलियों क़े दर्शनार्थ अत्यधिक संख्या में कार्तिक मास पूर्व ही श्रद्धालुओं का कामवन दर्शनार्थ आगमन हो रहा है। कार्तिक मास की पूर्णिमा से हजारों भक्त नियम सेवा हेतु ब्रजमंडल आयेंगे तथा सम्पूर्ण कार्तिक मास यहां प्रवास करेंगे। लाखों की संख्या में आने वाले इन भक्तों क़े लिये बैठने ,रात्रि प्रवास ,पीने क़े शुद्ध जल व महिला बाथरूम की कोई व्यवस्था ना होने से भारी परेशानी का सामना पर्यटकों को करना पड़ता है। कामवन क़े जिम्मेदार राजनेता व अधिकारियों का आदि वृन्दावन कामवन की इन समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं।
कार्तिक मास से पूर्व पश्चिम बंगाल क़े हुगली ,हावड़ा ,वर्धमान ,मायापुर ,नदिया ,नवद्वीप ,कोलकाता,गुजरात ,महाराष्ट्र ,हिमाचल प्रदेश ,जम्मू व कश्मीर ,पंजाब ,दिल्ली ,हरियाणा ,राजस्थान ,मध्यप्रदेश तथा विदेशी श्रद्धालुओं का तीर्थराज विमलकुण्ड विराजित मुख्य मन्दिर विमल बिहारी क़े दर्शन करने को सैलाब आया हुआ है। मन्दिर सेवाअधिकारी संजय लवानिया ने माहात्म्य श्रवण कराते हुए बताया कि समस्त ब्रज मण्डल को रसिक संतजनों ने बैकुण्ठ से भी सर्वोपरि माना है। इससे ऊपर और कोई भी धाम नहीं है जहाँ प्रभु ने अवतार लेकर अपनी दिव्य लीलायें की हों। इस ब्रज भूमि में नित्य लीला शेखर श्रीकृष्णजी की बांसुरी के ही स्वर सुनाई देते हैं अन्य कोलाहल नहीं।ब्रज की महिमा भगवान श्री कृष्ण द्वारा वन गोचारण से ब्रज रज का कण-कण कृष्णरूप हो गया है तभी तो समस्त भक्त जन यहाँ आते हैं और इस पावन रज को शिरोधार्य कर स्वयं को कृतार्थ करते हैं। ब्रज में तो विश्व के पालनकर्ता माखनचोर बन गये। इस सम्पूर्ण जगत के स्वामी को ब्रज में गोपियों से दधि का दान लेना पड़ा।समस्त ब्रज दर्शनार्थियों ने कामवन विराजित तीर्थराज विमलकुण्ड ,विमल बिहारी जी सहित श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थलियों चरण पहाड़ी ,भोजन थाली ,खिसलनी शिला ,भामासुर की गुफा ,सेतुबन्ध रामेश्वर ,लंका-यशोदा,गया कुण्ड ,कामेश्वर महादेव ,पंचमुखी महादेव,पांच पांडव ,धर्मकुण्ड , वृन्दादेवी ,गोविन्ददेव जी ,गोपीनाथजी ,चौरासीखम्भा ,
गोकुल चन्द्रमा ज़ी ,मदनमोहन ज़ी आदि के दर्शन किये।